शहर वाली घमंडी एकता भाभी की गांव में चुदाई

sahar se ayi bhabhi ki gaon me chudai
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भाभी की गांव में चुदाई काफी नार्मल बात है , क्युकी मेरे गांव में भाभियाँ और देवर में बहुत मौज मस्ती होती है , देवर भाभी के बूब्स को दबा देते है कभी देवर का लंड पकड़ लेती है , लेकिन एकता भाभी शहर से आयी थी उनके लिए ये बहुत गन्दी हरकत थी।

Bhabhi ki gaon me chudai

एकता भाभी जब नयी नयी आयी तो उन्हें कोई आईडिया नहीं था की देवर भाभी के बीच सेक्स भी कभी हो सकता है।  मुझे नहीं पता था की एकता भाभी सबसे अलग होंगी।

मैंने उन्हें भी दूसरे देशी भाभी की तरह समझा और एक दिन मज़ाक मज़ाक में मैंने एकता भाभी के बूब्स दबा दिए। एकता भाभी एक दम से भड़क गयी और मुझे थप्पड़ जड़ दिया।

मुझे बहुत बुरा लगा , आज तक कभी किसी ने मेरे साथ ऐसे नहीं किया था , मैंने कई भाभी की गांव में चुदाई की थी लेकिन उन सबको मज़ा आता था और एकता भाभी ने मुझे तमाचा दे दिया।

मैंने सोच लिया की अब बदला लूंगा और एकता भाभी की गांव में ही चुदाई करूँगा और फिर जिन दोस्तों के सामने मेरी बेइज्जती हुई है उनके सामने शान से कहूंगा की मैंने सहर से आयी भाभी की चुदाई कर दी है।

ये काम सोचना जितना आसान था करना उतना मुश्किल क्युकी भाभी को चोदना तो दूर की बात थी , उनके बूब्स ही दबा लू बहुत था उस वक़्त के हिसाब से तो।

वैसे एकता भाभी की चूचिया काफी शानदार थी , भाभी पतली स्लीम सी थी लेकिन उनके बूब्स बहुत बड़े थे , काम से काम 34D रहे होंगे।  शायद भैया ने भाभी का दूध पि पि के चूचिया इतनी बड़ी कर दी होंगी।

एकता भाभी का घर मेरे घर से 2 घर छोड़के था और हम सब फॅमिली जैसे ही रहते थे। एक दिन भाभी की सासु माँ ने मुझसे कहा की अपनी भाभी को जरा मार्किट तक लिए जाना कल दिन में।  मेरा मन तो नहीं था लेकिन चाची को मै मन नहीं कर सकता था इसलिए हां कद दिया।

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एकता भाभी भी मेरे साथ नहीं जाता चाहती थी लेकिन मेरे अलावा कोई था भी नहीं जो उन्हें ले जाये मार्किट। एहि सोचके वो तैयार हो गयी मेरे साथ चलने के लिए।

भाभी ने सलवार सूट पहना था और एक तरफ बाइक पे पैर करके बैठी थी जैसे गांव में लड़किया बैठती हैं , जब हम थोड़ा आगे आ गए तो भाभी ने मुझसे कहा की बाइक रोको।

मैंने पूछा गया हो गया , उन्होंने कहा की बाइक रोको मै दोनों साइड करके बैठु , ऐसे बैठने में बहुत दिक्कत हो रही। वह गांव में दोनों तरफ पैर करके बैठना लोग गलत समझते है इसलिए वह ऐसे बैठ गयी।

अब भाभी दोनों तरफ पैर करके बैठ गयी।  गांव के रस्ते ख़राब थे जिससे झटके लग रहे थे और भाभी की चूचिया धीरे धीरे मेरे पीठ को छू रही थी।  मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

ऐसे रस्ते में भाभी की चूचिया का मज़ा लिया मेरे पीठ ने और पुरे रस्ते मेरा लौड़ा खड़ा ही रहा। मार्किट पहुंचने और शॉपिंग करने के बाद हम वापस आने लगे।  भाभी ने मुझसे सॉरी बोला।

भाभी ने मुझसे कहा की तुमने उस दिन बहुत गलत किया था , अपने भाभी के बूब्स कोई दबाता है क्या ऐसा मुझे लगता था।  लेकिन इस गांव में रहके मुझे ये आईडिया लग गया है की यहाँ देवर भाभी पति पत्नी के जैसे ही रहते है।

तुम्हारे यहाँ भाभी की गांव में चुदाई काफी आम बात है। लेकिन मै जिस समाज से आयी हु वहां ये बहुत बड़ा पाप माना जाता है। आज से दोबारा तुम ऐसी चीजे मेरे साथ न करना , हम आगे से दोस्त बांके रह सकते है।

मै मुस्कुराया और बोला की पक्का। अब ऐसा नहीं होगा।

हम वापस आने लगे , हमारे बीच अब अच्छी दोस्ती हो गयी थी , मैंने भाभी से कहा की रास्ता बहुत ख़राब है आप से सही पकड़ लो मुझे।  एकता भाभी ने मुझे पीछे से पकड़ लिया। भाभी की चूचिया अब मुझे बहुत जोर से छू रही थी।

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मेरा पूरा फोकस भाभी के बूब्स पे ही था।  मैंने बहुत स भाभी की चुदाई वीडियोस देखि थी और मन में वही सब सीन घूम रहा था की मैं भाभी  को घोड़ी बना के चोद रहा हु।

ये सोचते सोचते रास्ता ख़तम हो गया और मैंने अपने घर आ गया और भाभी अपने घर चली गयी , एकता भाभी गांव में गर्मी की छुट्टी मानाने आयी थी, उनका एक छोटा सा बेटा है राज वो भी साथ में था।

मैं अपने रूम में भाभी की चुदाई के बारे में सोचके अपना लौड़ा हिला रहा था , मेरे में मन में आ रहा था की राकेश भैया कितने लकी है इतनी सेक्सी लड़की की चुदाई करते जब मन होता है , साला राज भी भाभी का दूध पीके मज़ा लिया करता है।

मै एकता भाभी के घर जाने लगा , वो गांव में  सिर्फ मुझसे ही बात करती थी, भाभी जब झाड़ू लगाती या राज को दूध पिलाती तो मै चोरी चोरी से उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को देखता था। और मन में आता था की बस एकता भाभी की चूत में लंड डालके भाभी की चूत फाड़ दू।

लेकिन एकता भाभी की गांव में चुदाई करने का अवसर मुझे मिले मेरे इतना भाग्य कहा , मुझे तो बस भाभी के नाम पे लंड हिलके काम चलाना  था।

एक दिन मै भाभी के घर आया तो भाभी दरवाजा खोलने आ रही थी तभी उनका पैर फिसल गया और गिर गयी जिससे उनके कूल्हे पे काफी चोट आ गयी।

मैं एकता भाभी को लेके हॉस्पिटल गया , और पुरे टाइम उनके साथ ही रहा देख भाल करता रहा। नेक्स्ट डे भाभी को जब थोड़ा आराम हो गया हम उन्हें लेके वापस घर आ गए।

भाभी ने मुझसे कहा की रोशन तुम मेरे लिए जितना करते हो कोई नहीं कर सकता , इतना कहके मुझे गले से लगा लिया। भाभी के दो बड़े बड़े बूब्स मेरे सीने में घुसते जा रहे थे।  आह मै अलग दुनिआ में था।

उस समय बस मन में आ रहा था की भाभी की ब्रा फाड़ के चुदाई कर दू , लेकिन फिर कही पुराने जैसा कुछ हो जाता थप्पड़ कांड तो पुरे गांव में बदनामी हो जाती।

मैंने कहा की भाभी आप मेरी सगी भाभी से काम थोड़ी हो , आप मुझसे कभी भी कह देना अगर कोई जरूरत हो।

भाभी का हाल लेने जब अगले दिन मै उनके घर गया तो भाभी ने मुझसे कहा की रोशन वो दवा देना डॉक्टर ने बोला है लगाने के लिए , मैंने दवा दिया , एकता भाभी उस दवा को पीठ पे लगाने की कोसिस कर रही थी लेकिन उनका हाथ नहीं जा रहा था।

मैंने कहा की भाभी मैं आपकी कुछ मदद कर दू क्या , उन्हें समझ नहीं आ रहा था की मेरी मदद ले या नहीं।  उन्होंने कहा की लो हल्का सा लगा दो।

भाभी ने ब्लाउज खोल रखा था और बूब्स के सामने साड़ी कर लिया था।  एकता भाभी की पीठ मेरे सामने नंगी थी एक दम , भाभी के पीठ पे हलकी से हाथ लगाने से ही मेरे शरीर में करंट लग गया और लंड एक दम टाइट हो गया।

मैंने मलहम लगा रहा था भाभी को , और मेरा लंड इतना बड़ा हो रखा था की भाभी के पीठ को टच कर रहा था , शायद भाभी को भी आईडिया लग रहा था की मेरा लंड भाभी की पीठ को छु रहा है।

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भाभी ने उस चीज को इग्नोर कर दिया। उस दिन मुझे जीवन में सबसे ज्यादा मज़ा आया। मैंने उस दिन २ बार मुठ मरी , और सपने में भाभी की चुदाई की मन भर के। अब मै अगले दिन फिर गया और भाभी को मलहम लगाने लगा।

मैंने भाभी से पूछा की अपने कूल्हों में चोट लगी थी वो एक दम सही हो गया न अब ?

उन्होंने कहा की नहीं यार वो तो बहुत दर्द होता है और उसपे दवा भी नहीं लगा पति खुदसे , मम्मी जी जल्दबाज़ी में  २ ३ बार लगायी ह तो ठीक से लगता ही नहीं।

तुम्हारे भैया होते तो अब तक ये सही हो गया होता।  मैंने कहा की भाभी आप इतना दर्द में रह रहे हो मुझे बताया क्यों नहीं अपने?

भाभी – रोशन तुम पहले से मेरे लिए इतना कुछ कर रहे हो और कुल्हा लड़कियों का प्राइवेट पार्ट होता है उसपे मै तुमसे कैसे मलहम लगवा लू ?

मैं – भाभी मैं सब समझता हु , लेकिन ऐसा दर्द में भी तो मैं आपको नहीं देख सकता न। ऐसा करता हु मैं आंखे बंद करके आपको मलहम लगा देता हु कूल्हे पे, ये सही रहेगा न?

भाभी – यार थोड़ा अजींब लगता ह , आंखे बंद न करो लेकिन किसी से बताना मत की तुमने मेरे कूल्हे पे मलहम लगाया था , वर्ण लोग कुछ और समझेंगे।

मैं – मैं मन ही मन बहुत खुश हो गया की एकता भाभी की आधी गाड़ दिख जाएगी अब।  अब वापस सपनो की दुनिआ में खू गया की मैं भाभी की गांव में चुदाई कर रहा हु और भाभी ने देवर का लौड़ा चूसा।

भाभी – रोशन , कहा खो गए ?

मैं – कही नहीं , आप लेट जाइये मुझपे पूरा भरोसा करके मै लगा देता हु।  और 4 5 दिनों की तो बात है फिर आप एक दम सही हो जाएगी।

भाभी को बहुत अजीब लग रहा था लेकिन मजबूरी थी , भाभी ने अपनी सलवार को नीचे किया और अपनी गाड़ पे तौलिया रख दिया जिससे मैं भाभी की गाड़ न देख पाव।

मैंने ऐसे एक्टिंग की जैसे मुझे कुछ पता नहीं चल रहा है , भाभी ने मुझसे कहा की अम्मा जब तक सो रही है तब तक जल्दी से लगा दो मलहम, अगर कही उन्होंने देख लिया तो बहुत बड़ा बवाल हो जायेगा।

मैंने कहा ठीक है , मै भाभी के कूल्हों में मलहम लगा रहा था , आह आह आह , मै बता नहीं सकता की क्या आनंद था , भाभी का गाड़ बहुत मुलायम था , बहुत मॉस भरा था एकता भाभी के गाड़ में।

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मैं मलहम लगा रहा था गाड़ दबा दबा के , ऐसे लग रहा था की भाभी को भी बहुत मज़ा आ रहा है , मैंने थोड़ा ताक़त से भाभी के गाड़ को दबाया।

भाभी – आह आह रोशन थोड़ा धीमा करो , कुछ अजीब सा दर्द हो रहा है ,

भाभी के गाड़ के ऊपर से तौलिया सरक गया , अब भाभी की नंगी गाड़ मेरे आँखों के सामने थी , भाभी के गाड़ के छेद को देखके मेरी आंखे खुली रह गयी , अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था।

मेरा मन हो रहा था की एकता भाभी के गांड में लंड डाल ही दू। मै मलहल लगते लगते दोनों टांगो को हल्का सा थोड़ा फैला दिया और गाड़ की छेद में थोड़ी सी ऊँगली की।

भाभी – आह , रोशन ये क्या कर रहे हो , ये मत करो प्लीज।

मै – कुछ नहीं कर रहा भाभी बस मैंने सोचा अंदर भी दवा लगा दू जिससे आप जल्दी ठीक हो जाओ। अब मै भाभी की गाड़ में ऊँगली करने लगा हिम्मत करके।

भाभी – आह आह उह।  मत करो रोशन कुछ होने लगेगा।

मैं – क्या हुआ भाभी आपको जल्दी ठीक नहीं होना है क्या , और मैंने ऊँगली पूरी अंदर करके भाभी की गाड़ में डाल दी।

भाभी तेज़ से चिल्लाई और पलट गयी , तुरंत मेरा सर अपने चूत में घुसेड़ लिया , मुझे कुछ समझ में नहीं आया की क्या हो गया। और मुझसे बोली तुमने मेरी चूत में गर्मी दिला दी है अब इसे चाट के शांत करो।

मुझे तो अपने किस्मत पे भरोसा नहीं हो रहा था की जिन भाभी को चोदने के मैंने इतने सपने देखे वो खुद मेरी मुँह में अपनी चूत घुसेड़ के चटवा रही है ,

मैंने एकता भाभी के बुर में जीभ डाली और जीभ अंदर डालके घूमने लगा , भाभी तड़प रही ही जैसे और मुझे अपनी चूत में डुबो देना चाहती थी।

मैंने भी भाभी का पूरा साथ दिया और उनकी चूत में ऊँगली डाल डाल के चूसा।  भाभी झड़ गयी और पानी छोड़ दिया।  अब मै भाभी के सीने पे चढ़ गया हलके से और लंड भाभी के मुँह में डाल दिया। भाभी के मुँह को आगे पीछे करके उनके मुँह को चोद रहा था।

शहर से आयी हु एकता भाभी मेरी देसी भाभी से भी ज्यादा चुदक्कड हो गयी थी आज।  अब पता चला की गांव में भाभी की चुदाई आसान है लेकिन सहर के भाभी की चुदाई में जो ,मज़ा है वो गांव में नहीं।

अब मुझसे रहा नहीं गया मैंने भाभी के ब्लाउज की हुक तोड़ दी , उनके दोनों कबूतर मेरे सामने फड़फड़ाने लगे।  मैं पागल जैसे टूट पड़ा भाभी की चूचियों पे।

मै बहुत तेज़ से भाभी की चूचियों को मसल रहा था , भाभी ने कहा रोशन मुझे दर्द हो रहा है धीरे करो।

मै ताक़त लगा के एकता भाभी की चूचियों को दबाने लगा जिससे उनकी चूचियों ने दूध फेक दिया , भाभी का दूध का फव्वारा मेरे चेहरे पे गिरा, मै भाभी के निप्पल्स पे झपट पड़ा और उसमे से निचोड़ निचोड़ के भाभी का दूध पीने लगा।

लंड ऊपर करके उसपे मैंने भाभी का दूध निचोड़ा और फिर अपना लंड एकता भाभी के मुँह में डाल दिय।

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भाभी – उह आह , रोशन मेरे चूत की प्यास बुझा दो अब , इतने वक़्त से अकेली हु यहाँ , तेरे भैया भी नहीं है जो तेरी भाभी की चुदाई करके मज़ा दे।

आज से तू ही मेरा पति है अब तू ही अपने भाभी की चूत में लंड डालेगा। मैंने भाभी के टांगो को फैला के लंड अंदर डाला।

भाभी की चूत काफी खुली हुई थी , देखके पता चल रहा था की भाभी ने बहुत बार चुदाई करवाई है। मैंने लंड अंदर किया भाभी की आंखे बंद हो गयी और वो आनंद जोन में चली गयी।

भाभी – चोद रोशन अपनी भाभी को।  फाड़ दे चूत आज अपने भाभी।  इतने दिन से तुझे एहि चाइये था न।  आज तुझे भाभी को चोदने का मौका मिला न।

मैंने लंड की स्पीड बढ़ा दी , और बोला है भाभी गांव हर लड़का आपको चोदना चाहता है , मै किस्मत वाला हु जो आज आपको चोदने का मुझे मौका मिल रहा है। अब डेली आपको चोदूगा जब तक आप यहाँ हो। भैया की कमी का एहसास नहीं होने दूंगा।

भाभी – डालो लंड और अंदर तक।  और चोदो आह आह चोदते रहो।

उस दिन भाभी को अच्छे से चोदने के बाद मैंने भाभी को सही से कपडे पहनाये, और अपने घर चला गया।

अब भाभी की चुदाई गांव में का सिलसिला चालू हो गया। एकता भाभी की चुदाई का सबसे बड़ा फायदा मुझे ये मिलता था की डेली दूध भी पीटा था जिससे मेरी बॉडी में भी काफी फायदा हुआ।

कुछ दिनों बाद एकता भाभी वापस जयपुर चली गयी , मैं 3 जयपुर भी जा चूका हु हफ्ते हफ्ते भर के लिए।  भाभी भी आती है और आज भी ये चुदाई का खेल चल रहा।

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दोस्तों क्या अपने भी कभी अपने सगी भाभी की चुदाई करके दूध पिया है या पड़ोस की भाभी को चोदा है ?


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1 thought on “शहर वाली घमंडी एकता भाभी की गांव में चुदाई”

  1. Mai bhi apni bhabhi aasha ko apni randi bnana chahta hu use dekhkar land khada ho jata h pta nhi kab gand milegi uski

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